ग्लोगी धार से पानी के बैंड तक जाम आम, देखें वीडियो, झड़ीपानी कोल्हूखेत रोड निर्माण के लिए धरना।

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Dhran fainal

मसूरी । तो क्या अब सचमुच वर्षों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त कोल्हूखेत झड़ीपानी टोल मसूरी रोड़ का पुर्ननिर्माण होगा ? या फिर यह नगर पालिका से लेकर मुख्य सचिव तक के मात्र दावे बनकर रह जाएंगे। और जैसा पिछली पालिका का 5 वर्ष का कार्यकाल कट गया वैसा ही यह पालिका भी पार हो जाएगी । रोड़ की मांग को लेकर 3 वर्षों से धरने प्रदर्शन भी चलते रहे हैं । मगर गत दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्पष्ट कहा है कि झड़ीपानी समेत मसूरी की तीन मुख्य सड़कों का न सिर्फ सुधारी करण होगा बल्कि शासन धन भी उपलब्ध कराएगा ।

उल्लेखनीय है कि मसूरी रोड़ पर ग्लोगी के पास पिछले आधे दर्जन वर्षों से पहाड़ी दरक रही है । पहाड़ी का यह भूस्खलन करोड़ों डकार गया है, मगर समस्या जस के तस है । मसूरी में भीड़ बढ़ने के साथ आए दिन यह मार्ग बंद हो जाता है । इस मार्ग के निर्माण के लिए राज्य आन्दोलनकारी एवं संस्कृतिकर्मी प्रदीप भण्डारी तथा अन्य जागरूक नागरिक 3 वर्ष पूर्व धरना भी दे चुके हैं। पालिका व प्रशासन को अनेक ज्ञापन भी दिए गए हैं । मगर आश्वासन के अलावा कोल्हूखेत झड़ीपानी टोल रोड़ मसूरी पिछले 10 वर्षों से आज तक नहीं बन पायी । जबकि यह रोड़ मुख्य रूप से मसूरी वासियों का मुख्य मार्ग है। इस अब मसूरी की लाइफ लाइन कहा जाने लगा है। यहाॅ हर रोज दिन रात सैंकड़ों कामकाजी लोग व स्टूडेण्ट दुपहिया या चार पहिया वहनों से आवागमन करते हैं । ग्लोगी धार में अक्सर मार्ग बंद होने से पर्यटक वाहनों से लेकर बीमार लोगों को ले जाने वाली एंम्बूलेंस कोल्हूखेत झड़ीपानी मार्ग से आवागमन करती हैं । मगर मार्ग बहुत खराब एवं जोखिम भरा होने से यहां अनेक दुर्घटनाएं घटती हैं । और शासन प्रशासन की प्रबल इच्छा शक्ति के अभाव में ग्लोगी धार के पास आज तक सक्षम ट्रीटमेंट नहीं हो पाया और पुनः अब बारिशों का सीजन प्रारम्भ हो जाने के कारण लोग ग्लोगी धार पर फिर परेशान हो सकते हैं । गत वर्ष लोग जान के जोखिम के बीच आधी आधी रात यहाॅ पर कई कि0 मी0 वाहनों की लाइन में फंसे रहे। और तब झड़ीपानी मसूरी मार्ग ही बजरंग बली की तरह संकट मोचन बना था । मगर रोड़ के पुर्ननिर्माण एवं जरूरी मानक पूरे किए बिना इस मार्ग का उपयोग लोगों की जिंदगी से खेलने वाला है ।

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