धामी सरकार द्वारा शहीद स्थल के अपमान पर उपवास आज, साथ ही होंगे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम. राज्य सरकार भ्रष्टाचार लिप्त – थापली
मसूरी | उत्तराखण्ड राज्य की रजत जयंती की पूर्व संध्या पर मसूरी शहीद स्थल प्रदेश की लोक संस्कृति की सतरंगी छटा से जगमग हो गया । स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सुंदर प्रस्तुति देकर पंडाल में मौजूद पर्यटकों और मसूरी वासियों का मन मोह लिया । महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर के बच्चों और झुमेला ग्रुप की महिला कलाकारों ने सुंदर लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मन्त्र मुग्ध कर दिया। आज भी शहीद स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह होगा। इससे पूर्व राज्य आन्दोलनकारियों ने शहीदों के चित्रों पर फूल मालांए चढ़ायी । 
इस अवसर पर अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए अनेक डाक्टर, राज्य आन्दोलनकारी तथा पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया । वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और उक्रांद के केन्द्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट को विशेष रूप से सम्मानित किया गया । शहीद स्थल पर सम्मान पाकर श्री भट्ट भावुक हो गए। समारोह के मुख्य अतिथि मंडी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष उपेन्द्र थापली थे । उत्तराखण्ड पर्यटन एवं तीर्थाटन विकास समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत आज भी शहीद स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा । जबकि समिति द्वारा 9 दिनी यज्ञ लगातार शहीद स्थल पर चल रहा है ।
इसके अलावा राज्य आन्दोलनकारियों ने धामी सरकार पर मसूरी शहीद स्थल के अपमान का आरोप लगाया और सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सम्मान को ग्रहण नहीं किया । वहीं उत्तराखंड पर्यटन एवं तीर्थाटन विकास समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आन्दोलनकारी कमल भण्डारी ने सरकार के इस रवैये पर घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए विरोध स्वरूप कल शहीद स्थल पर उपवास पर बैठने की घोषणा की है । आन्दोलनकारी संगठन ने उनके धरने का समर्थन किया है।
सरकार की ओर से राज्य स्थापना दिवस के 9 दिवसीय कार्यक्रम के तहत मसूरी शहीद स्थल पर शहीदों के नाम से एकदीपक तक न जलाने पर भड़के कांग्रेस नेता उपेन्द्र थापली ने सरकार की कड़ी आलोचना की है । वे स्थानीय विधायक एवं मंत्री गणेश जोशी तथा नगर पालिका पर भी जमकर बरसे । सुनें श्री थापली ने क्या कहा –
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडी परिषद के पूर्व अध्यक्ष उपेन्द्र थापली थे। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष प्रदीप भण्डारी,
कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, महेश चंद्र, विजय लक्ष्मी काला, कमलेश भण्डारी, पूरण जुयाल, दर्शन रावत, रमेश राव, राजेन्द्र रावत समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
