झड़ीपानी में नोटिफाइड जमीन की धड़ल्ले से हो रही है खरीद फरोख्त, स्थानीय निवासियों के अधिकार प्रभावित
मसूरी । झड़ीपानी टोल क्षेत्र में इन दिनों जमीन की बिक्री और खरीददारी चरम पर है । क्षेत्र में खरीददारों का मेला लगा हुआ है । खरीददारों में मसूरी देहरादून के अतरिक्त बाहरी क्षेत्रों के लोग शामिल हैं । ताज्जुब तो यह है कि यह पूरा इलाका नोटिफाइड एरिया में आता है मगर खरीददार बेपरवाह होकर जमीन खरीद रहे हैं ।
झड़ीपानी विकास समिति ने जमीनों की इस बड़ी खरीद- फरोख्त पर गहरी चिंता व्यक्त की है । समिति को इस बात की चिंता है कि ज़मीनों की इस प्रकार की खरीद- फरोख्त के बाद यहाॅ निर्माण होने से न सिर्फ यहाॅ के हरे भरे जंगलों को नुकशान पंहुचने की पूर्ण शंका बढ़ गई हैं वहीं नागरिक मूलभूत सुविधाएं का भी टोटा हो जाएगा ।
समिति के महासचिव जैक जाफरी ने कहा है कि बड़े संघर्ष के बाद क्षेत्र में पानी, बिजली, रसोईगैस, सड़क आदि की सुविधाएं बहाल की गई थी हैं वोे भी अभि कम आबादी के बावजूद पर्याप्त नहीं पड़ती हैं । यहाॅ आये दिन बिजली बाधित रहती है, फ्लक्चुएशन से लोगों के बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं और बिजली विभाग बिना अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए कनेक्शन बांट रहा है। इस प्रकार अगर अधिक आबादी बढ़ी तो बची खुची नागरिक सुविधाएं ध्वस्त हो जाएंगी साथ ही क्षेत्र की संस्कृति भी खराब हो सकती है। तरह तरह के लोगों के आवागमन से यहाॅ की शांति एवं हरियाली प्रभावित होगी और जाम की स्थिति बनेगी ।
समिति ने सुझाव दिया है कि क्षेत्र में लोगों को तभी जमीन खरीदनी चाहिए जब यह जमीन नोटिफाइड से डिनोटिफाइड हो जाए तथा विक्रेता क्षेत्र में बड़े सीवर निकासी व सीवर टैंक की व्यवस्था, खपत के अनुसार बिजली , पेयजल, सड़क तथा पार्किंग व्यवस्था बनाकर दे। ताकि कानून के तहत मकान का नक्शा पास हो सके। साथ ही विक्रेता से भी कहा गया है कि स्थानीय नागरिकों को ही कानून सम्मत जमीन बेची जाय । ध्यान रहे यह मसूरी का ही नहीं प्रदेश का प्रमुख ट्रेकिंग मार्ग तथा मसूरी आगमन का पौराणिक और आपातकालीन वैकल्पिक मार्ग है ।
वहीं झड़ीपानी टोल के पुरानें स्थानीय वाशिंदों में इस बात का भी गुस्सा है कि उनके हिस्से की वह जमीन भी प्रोपर्टी डीलर बेच रहे हैं जिन पर उनके पुरखे व वे स्वयं पिछले 70 दशक से भी अधिक समय से खेतीबाड़ी व रखरखाव करते आ रहे हैं और उनके पारम्परिक अधिकार हैं । मगर उनकी जानकारी के बिना बाहरी लोगों को जमीन बेची जा रही है । झड़ीपानी विकास समिति ने क्षेत्र में हो रही बाहरी गतिविधियों को लेकर शीघ्र बड़ी बैठक करने का निर्णय लिया है ।
