मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे आंदोलनकारियों की समस्याएं, मसूरी में पालिका हाउस टैक्स माफ़ का प्रस्ताव।
मसूरी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि शेष सभी पात्र आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण होगा और निश्चित तौर पर होगा। उन्होंने कहा मसूरी के आंदोलनकारियों का नगर पालिका हाउस टैक्स माफ़ करने प्रस्ताव भेजा जाएगा। मसूरी गोलीकांड की बरसी दो सितंबर को मुख्यमंत्री के सामने राज्य आंदोलनकारियों की सभी समस्याओं को प्रमुखता से रखा जायेगा। वक्ताओं की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा की चिह्नीकरण के मानकों को शिथिल एवं अनुकूल बनाने हेतु मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर कार्य किया जाएगा। देखें क्या कहते हैं सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष –
राधाकृष्ण मंदिर में आज आयोजित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में आंदोलनकारियों ने छूट चुके आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने, पेंशन बढाने, क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिए जाने, स्वास्थ्य सुविधा देने, शहीद स्थल का सौंदर्यीकरण करने व म्युजियम बनाने आदि की मांग की व उन्हें ज्ञापन भी दिया गया। इस मौके पर आंदोलनकारियों पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, जय प्रकाश उत्तराखंडी, मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल, कमल भंडारी, बीना मल्ल, प्रदीप भंडारी, विजय रमोला, शूरवीर भंडारी आदि ने सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष के समक्ष विस्तार से समस्या और समाधान को रखा।
अपने सम्बोधन में उत्तराखंड राज्य सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने आगे कहा कि आंदोलनकारियों ने जो नई बातें रखी हैं उन पर भी शीघ्र अमल होगा। कहा कि चिन्हीकरण करने, पेंशन वृद्धि , क्षैतिज आरक्षण आदि 11 बिंदुओं पर गृह सचिव आदि उच्चाधिकारियों संग पहले ही बैठक कर निर्णय लिए जा चुके हैं। और प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है । उन्होंने कहा कि शहीद स्थल पर म्यूजियम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी उस पर भी क्रियान्यवयन हेतु आग्रह किया जाएगा ।
कार्यक्रम का संचालन अनिल गोदियाल ने किया। इस मौके पर मंच के महासचिव पूरण जुयाल, राजेंद्र कंडारी, श्रीपति कंडारी, बिजेंद्र पुडीर, भगवान सिंह रावत, जबर सिंह बर्तवाल, सुरेंद्र डंगवाल, बीना मल्ल, बीना गुनसोला, राजेश्वरी नेगी, प्रभा बर्तवाल, सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
